शुक्रवार, दिसंबर 4

पत्रकार चालीसा ले कर आ रहा हू शराफत पर !!!

जी नमस्ते !!नोट- भले ही यह बाते सच के करीब लगे, लेकिन यहां ये कहना लाजिमी है कि इसका किसी पत्रकार, या कोई पत्रकार बनने जा रहे है या कोई आम आदमी , कोई लड़की या घटना से सीधे-सीधे कोई लेना देना नहीं है। कहानी में आई घटना का किसी की जिंदगी से मिलना महज एक संयोग हो सकता है!!!

आपके सामने बहुत जल्द एक साथ मुलगी चालीसा और पत्रकार चालीसा ले कर आ रहा हू शराफत पर !!!
शुक्रिया !!




फोटो गूगल ...

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