शनिवार, जनवरी 15

उदासीनता के कारण खतरे में स्वर्णरेखा



झारखण्ड की राजधानी रांची की सुगम पहाड़ियों से कलकल बहती स्वर्णरेखा नदी,बढ़ते शहरीकरण और सरकार व लोगों की उदासीनता के कारण खतरे में है।

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नामकुम मोडल हॉस्पिटल के नजदीक नदी की हालत काफी दयनीय है। तरस आता है इसे देख कर। ऐसा लगता है जैसे ऊंची ऊंची बिल्डिंग के बीच से अपने लिए गलियारा तलाश रही हो। मानो रांची में स्वर्णरेखा का स्वरूप लगभग ख़त्म हो चुका हो। बदहाल स्वर्णरेखा नाले जैसी हो गई है। प्रदूषण का पर्याय बनती जा रही इस नदी पर अगर आज ध्यान न दिया गया तो कल को इसे देख इंसानियत को शर्मिंदा होना पड़ेगा ।

अब तो नदी के पास से गुजरने पर बदबू आती है। एक समय में कल कल समृधी देख चुकी स्वर्णरेखा अब विकास को अपने आख़िरी दिनों में निहार रही है। यही अस्थि रही तो वो दिन दूर नहीं जब स्वर्णरेखा देश कि सबसे प्रदूषित नदियों में शुमार की जाने लगे गी ।हम सभी स्वर्णरेखा मरते हुए देख रहे हैं। रांची में राष्ट्रीय खेल होंगे ऐसे में यहाँ पर पूरे मुल्क से लोग आएंगे,पर क्या कोई स्वर्णरेखा के दर्द को महसूस कर सकेगा।


सारिका