रविवार, दिसंबर 27

Next stop, Delhi (अंक -7)फेस्ट का बहाना ..?


नोट- भले ही यह कहानी सच के करीब लगे, लेकिन यहां ये कहना लाजिमी है कि इसका किसी लड़की या घटना से सीधे-सीधे कोई लेना देना नहीं है। कहानी में आई घटना का किसी लड़की-विशेष की जिंदगी से मिलना महज एक संयोग हो सकता है!!!

प्रेकी नैया है राम के भरोसे, पर अपनी ई नैया तो ......अ.. अ.... अ.... प ..प ..प .. के ....के... के ... ..भरोसे ..! चुप रह पागल ..! वो तो मै पहले से हूं ! बोले तो.....उलटी खोपड़ी का हूं . घर बार नजर नहीं आता .....?

बहुत दिनों बाद प्रेम का उस संस्थान जाने का इत्तिफाक हुआ ! जिस संस्थान का जिक्र कर रहा हू मतलब .. जिसका अबतक जिक्र करते आ रहा हू यानी नेक्स्ट स्टॉप दिल्ली ! यह वाक्या ४ दिसम्बर की है .. !

वंहा कोई प्रोग्राम था...वो रुत था
फेस्ट का ....पर जाने का बहाना कुछ और था ! मतलब एक अलहदा अंदाज में फेस्ट के मोके पर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने पंहुचा !

भोली -भाली सी खूबसूरत! जैसे कुदरत ने कायनात का सारा हुस्न उसमे ह़ी उढेल दिया हो ! कम शब्दों में बोली जाये तो भगवान ने उस मुलगी को झोलिया भर कर खूबसूरती का नकासी किया था ! उस बक्त करीब ५०० लडकियों की झुंड के बीच मुलगी आई तो प्रेम कि नजर....जिस्म की तह दर तह देखता ह़ी रह गया ! इससे पहले प्रेम कई घंटो से इंतजार किया था !

प्रेम को देखते ह़ी मुलगी ने धीमे से बोली तुम यंहा ?
हाँ ...किरण ।!

जख्म हो या रिश्ते खुला नहीं छोड़ते ,, कुछ दिन पहले किसी फिल्म देखा था उसमे यह बाते सुनने को मिली थी ....! उसी कि हिफाजत करने आ गया ....!

मतलब ---- किरण, तुम्हे भी समझाना होगा तुम तो खुद समजदार हो ! ओह फक मेन...व्हाट्स यौर प्रॉब्लम .!
.
किरण ...आ ..आ .. आशिकी में वह आज ...? कुछ भी कर सकता है ..! क्यों की उसके पास खोने के लिये कुछ भी नहीं है ..!
रोक सको तो रोक लो ? देखो लाइफ की कलाईमेक्स है ...!...
मतलब , अरे यार पागल है .! ठीक है ..जा रहा
हूं ......जितना बेकरार हूं मै...समझो..!


क्या होती प्रेम कहानी ..जब उसने बोलने को मजबूर हुआ OH MY FUCKING GOD!!
उस दिन के बाद ..कई बार सोचा अपने प्यार की गहराई कों..! उसके साथ बिताये पलो को ..! उसके एहसासों कों शब्दों में
बयाँ करू और कोशिश भी की पर हर बार, एक बात ..! उसकी मर्जी ..पर किया हुआ वादा..? इसके बाद खुद को रोक लेता था ..! अब तो उसके कलम की आलम है की दर्द लहू बन कर रिसता रहता है !


बेटे मेरी बात याद रखना, एक दिन तेरे जीवन में कुछ ऐसा जरुर घट जायगा तू ऊपर वाले पर बिस्वास करने लगेगा .! पर प्रेम के साथ तो खुदा ने मुह फेर लिया था .. उसे तो बस इतनी शिकायत...थी !
बेजूबा की जवान है प्यारे ...तुम भी पछताओगे दुनिया पर भरोसा कर के ..! फिर भी वह यही बोलता है ..बस इन्हें देख कर जी रहा हू..
!!

अरे तुम ...क्यों इतना खफा है तू उसपे ..? मैंने उसे बताया ...जरा सी * दिल * में जगह दे दे न ..फ़िदा है तुझ पे !
अरे यार वो
उलटी खोपड़ी का है ! किरण ताल्लुकात में रंजिश का रंग क्यों ?
उसे नहीं पता वह क्या कर रहा है ........ ?
One Minute में ... कैसे बदलते है रिश्ते ...!

सिर्फ और सिर्फ.... उमीद के साथ .?

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फोटो गूगल ...

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