....दिल की खामोशी को,
दर्द बना कर रखा है।
तेरे इश्क की चाहत में,
दर्द बना कर रखा है।
तेरे इश्क की चाहत में,
ये दिल सौगात बना सजा रखा है।।
तुम दूर देखती रहती हो,
पर यह दिल पास तुम्हारे रहता है।
जब तुम मुझसे मिलती हो,
ये दिल कुछ-कुछ कहता है।
तुमसे कुछ कहने की लुका-छिपी में,
ये दिल बावरा बना फिरता है।
क्या आग सिर्फ मेरे दिल में है?
मुझको ऐसा नहीं लगता है।
जब-जब तेरी ओर मै देखता हूँ,
तेरी अद़ा भी प्यार बयां करता है।।ये दिल कुछ-कुछ कहता है।
तुमसे कुछ कहने की लुका-छिपी में,
ये दिल बावरा बना फिरता है।
क्या आग सिर्फ मेरे दिल में है?
मुझको ऐसा नहीं लगता है।
जब-जब तेरी ओर मै देखता हूँ,
तेरी धड़कन मेरे दिल में,
रोज सुनाई देती है।
जब चलती है पुरवाई तो,
इश्क में कोई अपराधी नही होता है और न ही कोई माफी माँगने और देने वाला होता है। पारो की याद में बहुत से देवदास मरने वाले मिल जायेगे किन्तु हमें वो देवदास चाहिये जो जज्बा दिखये और पारो के अंत तक अपने प्यार के रूप में पाने कोशिश करे।
जवाब देंहटाएंतेरी धड़कन मेरे दिल में,
जवाब देंहटाएंरोज सुनाई देती है।
जब चलती है पुरवाई तो,
घायल दिल आह कर उठता है।।
bahut sunder
तेरी धड़कन मेरे दिल में,
जवाब देंहटाएंरोज सुनाई देती है।
जब चलती है पुरवाई तो,
घायल दिल आह कर उठता है।।
bahut sunder
रूमानी भावों की सुंदर अभिव्यक्ति।
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11वाँ राष्ट्रीय विज्ञान कथा सम्मेलन।
गूगल की बेवफाई की कोई तो वजह होगी?